जैवभार किसे कहते है? इसे ऊर्जा स्रोत के रूप में कैसे उपयोग में लाया जा सकता है ? जैवभार को ऊर्जा के रूप में उपयोग करने के लाभ और सीमाएँ बताइए।
जैवभार किसे कहते है? इसे ऊर्जा स्रोत के रूप में कैसे उपयोग में लाया जा सकता है ? जैवभार को ऊर्जा के रूप में उपयोग करने के लाभ और सीमाएँ बताइए।
Ans. सूर्य का प्रकाश जैव ऊर्जा का मूल स्रोत है। हमारी पृथ्वी पर सूर्य के प्रकाश के रूप में कुल सौर ऊर्जा का लगभग 0.2% प्रकाश संश्लेषित पौधों द्वारा जैवभार में संचित हो जाता है। अत: वे सभी पदार्थ जिनको उत्पत्ति प्रकाश संश्लेषण द्वारा होती है, जैव-भार कहलाते हैं। यह एक नवीनीकृत ऊर्जा स्रोत है। इसके अन्तर्गत लिानोसेल्युलोज युक्त पादप जैसे-यूकेलिप्टस (नीलगिरि), चौड़ आदि, जलीय पादप जैसे- जलकुम्भी तथा अपशिष्ट पदार्थों जैसे-खाद, कूड़ा, करकट इत्यादि को ऊर्जा प्राप्ति के स्रोत के रूप में रखा गया है।
जैवभार को ऊर्जा के स्रोत के रूप में उपयोग लेने के निम्न लाभ है -
1. जब जैवभार के सीधे दहन से ऊर्जा का उत्पादन न किया जाए इससे पर्यावरण को कोई हानि नहीं पहुँचती है ।
2. बायोडीजल या अन्य ईंधन, जो कि जैवभार से बनते हैं, ऊर्जा के स्वच्छ व व्यवहार्य स्रोत है|
3. जैवभार समग्र विश्व में उपलब्ध है ।
4. जैवभार संयंत्रों में बनने वाले अपशिष्टों का उपयोग खाद के रूप में किया जा सकता है ।
जैवभार एक नवीकरणीय व स्वच्छ ऊर्जा स्रोत है , परन्तु इसके उपयोग करने की कुछ सीमाएँ हैं । इनमें से कुछ निम्न प्रकार से हैं : -
1. जैवभार से बनने वाले जैव ईंधन या एथेनॉल पेट्रोल जितना ऊर्जा दक्ष नहीं है ।
2. यदि जैव ईंधन का सीधे दहन किया जाए तो इससे ग्लोबल वार्मिंग की समस्या बढ़ने के साथ - साथ उत्सर्जन के बढ़ने से पर्यावरणीय प्रदूषण भी उत्पन्न होगा ।
3. जैव ईंधन का मुख्य घटक अर्थात् मीथेन गैस पर्यावरण के लिए हानिकारक है ।
4. जैवभार से ऊर्जा उत्पादन करना, चाहे इसका उत्पादन करना हो या इसको एथेनॉल में बदलना हो, अपेक्षाकृत महंगा है ।
Nios Science And Technology (212)
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