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अत्यंत ठंडे क्षेत्रों के जलीय निकायों में रहने वाले जलीय जन्तु बहुत अधिक ठंडक के मौसम में नहीं मरते । व्याख्या कीजिए ।

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जल के संरक्षण की आवश्यकता बताइए । वर्षा जल संग्रहण का क्या अर्थ है ? वर्षा जल संग्रहण के लाभों का वर्णन कीजिए ।

जल के संरक्षण की आवश्यकता बताइए । वर्षा जल संग्रहण का क्या अर्थ है ? वर्षा जल संग्रहण के लाभों का वर्णन कीजिए । वर्षा के जल का संरक्षण वर्षों से जनसंख्या बढ़ने के कारण औद्योगीकरण में प्रगति तथा कृषि के विस्तार से जल की मांग बढ़ गई है । दूसरी ओर जल स्त्रोत जैसे भूमिगत जल एवं नदी का जल तेज़ी से सूख रहे हैं । जल के समझदारी से संरक्षण की आज ज़रूरत है और इसके लिए विभिन्न दिशाओं में प्रयास किए जा रहे हैं जैसे कि बांध और जलाशय बनाकर और भूमि के अंदर कुओं जैसा ढांचा बनाकर जल एकत्रित करने के प्रयास किए गए हैं, जल के पुनउपयोग एवं अलवणीय करण की कोशिश भी की गई है । भूमिगत जल का पुर्नभरण आवश्यक हो गया है । यह वर्षा जल संग्रहण के द्वारा किया जा रहा है ।  वर्षा के जल का संग्रहण का अर्थ यह है कि भवनों की छत पर वर्षा के जल को एकत्र कर, बाद में उपयोग के लिए भूमिगत भरण करना । यह पुनर्भरण न केवल भूमिगत जल को समाप्त होने से बचाता है । बल्कि जल के घटते स्तर को बढ़ाता है और जल आपूर्ति में सहायता करता है । चाहें बहुत से लोग यह महसूस न करें, परंतु कुछ सेंटीमीटर वार्षिक वर्षा भी एक बहुमूल्य संसाधन है । वर्ष...

एक नामांकित चित्र की सहायता से मेरु - रज्जु की आंतरिक संरचना का वर्णन कीजिए । इसके कार्य भी बताइए ।

एक नामांकित चित्र की सहायता से मेरु - रज्जु की आंतरिक संरचना का वर्णन कीजिए । इसके कार्य भी बताइए । मेरु - रज्जु ( Spiral Cord )  - मेरुरज्जु पूर्णरूपेण केंद्रीय तंत्रिका तंत्र का हिस्सा है । यह मेडुला ऑब्लांगैटा से विस्तृत होकर ( फैलकर ) मेरुदण्ड की लगभग पूरी लंबाई तक नीचे की ओर जाती है । मेरु - रज्जु मेरुदण्ड के भीतर केंद्रीय नाल में अवस्थित होता है । चित्र 23.7 मेरु– रज्जु की आंतरिक संरचना दर्शाता है । मेरुरज्जु में धूसर तथा श्वेत द्रव्य की व्यवस्था मस्तिष्क से उल्टी होती है । धूसर द्रव्य , जिसमें कि प्रेरक तंत्रिका कोशिकाओं के कोशिका - काय होते है , वह अंदर की ओर जबकि श्वेत द्रव्य इसके बाहरी ओर होता है । मस्तिष्क की ओर जा रहे तथा मस्तिष्क से आ रहे एक्सॉन श्वेत द्रव्य में लंबाई में जाते हुए एक छोर से दूसरे छोर तक पार हो जाते हैं । मध्य में एक छोटी केंद्रीय नाल होती है जो मेरुरज्जु की पूरी लंबाई में जाती हुई मस्तिष्क की गुहाओं तक होती है । यह केंद्रीय नाल मस्तिष्क मेरु तरल ( सेरिब्रोस्पाइनल फ्ल्यूड ) से भरी होती है जो कि एक आघातरोधक गद्दी की तरह कार्य करता है । यह तरल भोज्य पदार्...

मानव में श्वासोच्छवास की प्रणाली का वर्णन कीजिए ।

मानव में श्वासोच्छवास की प्रणाली का वर्णन कीजिए। श्वासोच्छवास की प्रणाली अथवा फेफड़ों में वायु का गमनागमन ( Ventilation ) फेफड़े वक्ष- गुहा ( Thoracic cavity ) को भीतर स्थित होते हैं । वक्ष गुहा के नीचे उदर गुहा होती है । ये दोनों गुहाएं परस्पर एक गुम्बदनुमा पेशी ( ऊपर की तरफ महराब बनाती हुई ) जिसे डायफ्राम कहते हैं , पृथक रहती हैं ।  इस डायफ्राम के ऊपर नीचे गति करने से श्वासोच्छवास प्रक्रिया होती है । श्वासोच्छवास , जिसे फेफड़ों में वायु का गमनागमन भी कहते हैं , में दो प्रक्रियाएँ शामिल हैं । ( i) अंतः श्वसन ( Inhalation ) वायु का भीतर ले जाना यह प्रक्रिया वक्ष गुहा के आयतन में बढ़ोत्तरी होने के कारण होती है । यह बढ़ोत्तरी डायाफ्राम और पसलियों की स्थिति में परिवर्तन आने के कारण होती है । पेशियों के आकुचन के कारण डायफ्राम सपाट सीधा हो जाता है ।  पसलियाँ ऊपर और बाहर की तरफ उठ जाती हैं और पसलियों की पेशियों के आकुंचन के कारण वक्ष गुहिका का आयतन बढ़ जाता है । जैसे ही वक्ष गुहिका का आयतन बढ़ता है उसके अन्दर की हवा का दबाव घटता है ।  वातावरण की हवा अन्दर आती है । इसके साथ ऑक्स...

स्थायी ऊतक क्या होते हैं ? विभिन्न प्रकार के स्थायी ऊतकों का वर्णन कीजिए ।

स्थायी ऊतक क्या होते हैं ? विभिन्न प्रकार के स्थायी ऊतकों का वर्णन कीजिए । स्थायी ऊतक ( Permenent Tissue ) यह ऐसी कोशिकाओं का बना होता है , जिनकी विभाजित होने की क्षमता समाप्त हो चुकी होती है । उनके कार्य के अनुसार स्थायी ऊतक तीन प्रकार के होते हैं :  1. संरक्षी ऊतकः  यह ऊतक मोटी भित्तियों की कोशिकाओं से बना होता है और पत्तियों , तनों , जड़ों आदि की सतह पर पाया जाता है. 2. आलंबी ऊतकः यह पौधे के विभिन्न भागों की सहारा देता है । इस ऊतक में आलुओं के भीतरी भाग में भरी हुई कोशिकाएं शामिल हैं , जिनके भीतर भोजन संचित रहता है , यह पत्तियों के डंठल में पाया जाता है । 3. संवाहक ऊतक: इसे संवहनी ऊतक भी कहते हैं । यह तरल पदार्थों को पौधों में ऊपर नीचे आने - जाने का मार्ग प्रदान करता है । यह दो प्रकार का होता है- ज़ाइलम ( Xylem ) और फ्लोएम ( Phloem ) जाइलम तने में अधिक केन्द्र की ओर स्थित होता है । इसमें होकर मिट्टी से अवशोषित जल और खनिज पदार्थ पौधे में ऊपर की तरफ जाते हैं । फ्लोएम ज़ाइलम के बाहर की तरफ स्थित होता है और पत्तियों द्वारा संश्लेषित भोजन ( शर्करा ) के नीचे और ऊपर की ओर संवाहित...

ऊर्जा स्रोत के रूप में जीवाश्म ईंधनों का उपयोग करने के दो लाभ तथा दो हानियों को बताइए ।

ऊर्जा स्रोत के रूप में जीवाश्म ईंधनों का उपयोग करने के लाभ तथा हानियों को बताइए । जीवाश्मीय ईंधनों से ऊर्जा प्राप्त होने वाली के लाभ व कमियाँ दोनो हैं । पहले हम लाभों की बात करते हैं -  जीवाश्म ईंधनों से ऊर्जा का उत्पादन करना तकनीकी दृष्टि से आसान है व इसकी लागत भी कम होती है ।  जीवाश्म ईंधनों का कैलोरी मान बहुत अधिक होता है । जीवाश्म ईंधनों से एक ही क्षेत्र में बहुत बड़ी मात्रा में विद्युत का उत्पादन किया जा सकता है । जीवाश्म ईंधनों , जैसे कि तेल व गैस आदि को ऊर्जा संयंत्रों तक पाइप लाइन के द्वारा आसानी से पहुँचाया जा सकता है । जो विद्युत संयंत्र ( पॉवर प्लांट ) गैसों का उपयोग करते हैं वे बहुत दक्ष होते है ।  जीवाश्म ईंधनों का उपयोग करने वाले विद्युत संयंत्रों का निर्माण प्रौद्योगिकी की दृष्टि से अपेक्षाकृत सरल होता है तथा इनका निर्माण किसी भी क्षेत्र में किया जा सकता है । अगर हम जीवाश्म ईंधनों के उपयोग से होने वाली कमियों या हानियों की बात करें तो हम पाएँगे कि - जीवाश्म ईंधनों को ऊर्जा के स्रोतों के रूप में उपयोग करने पर सबसे बड़ी हानि इनसे उत्पन्न प्रदूषण है । जीवाश्म ...

घनत्व तथा दाब के व्युत्पन्न SI मात्रक ज्ञात कीजिए

घनत्व तथा दाब के व्युत्पन्न SI मात्रक ज्ञात कीजिए घनत्व की SI मात्रक को किलोग्राम प्रति घन मीटर ( kg/m 3 ) का उपयोग करके मापा जाता है।  दाब की SI मात्रक पास्कल है.

फसल चक्र से क्या अभिप्राय है ? उदाहरण सहित इसकी व्याख्या कीजिए । फसल चक्र के लाभ लिखिए ।

फसल चक्र से क्या अभिप्राय है ? उदाहरण सहित इसकी व्याख्या कीजिए । फसल चक्र के लाभ लिखिए । किसी निश्चित समय में खेत में एक निर्धारित क्रम से फसलों को उगाना ही फसल चक्र कहलाता है । फसल चक्र में अधिक जल की आवश्यकता वाली फसलें पहले उगाई जाती हैं  एवं उसके बाद कम जल मांग वाली फसलें उगाई जाती हैं, जैसे पहले धान फिर चना । अधिक खाद की जरूरत वाली फसलों के बाद कम खाद की जरूरत चाहने वाली फसलें उगाई जाती हैं, जैसे पहले आलू फिर मूंग । इसी प्रकार गहरी जड़ वाली फसलों के बाद उथली जड़ वाली फसलें उगाई जाती हैं जैसे पहले कपास फिर मैथी । फसल चक्र से लाभ नाइट्रोजन समृद्धि द्वारा खेतों की उर्वरता एवं मृदा को पोषक बनाए रखना  अधिक उत्पादन  भूमि का कटाव रोकना  फसल उत्पादन में कम व्यय उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी ढंग से प्रयोग  खरपतवार , कीट एवं रोग नियंत्रण  वर्ष भर नियमित आमदनी ।

मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी की मुख्य विशेषताओं का वर्णन कीजिए ।

मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी की मुख्य विशेषताओं का वर्णन कीजिए । Describe the main features of Mendeleev's periodic table. मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी की मुख्य विशेषताओं का वर्णन कीजिए । मेंडलीफ की आवर्त सारणी की मुख्य विशेषताएं: (a) आवर्त सारणी में सात क्षैतिज पंक्तियाँ हैं। उन्हें आवर्त कहा जाता है और 1 से 7 तक गिने जाते हैं। (b) एक निश्चित अवधि में, तत्वों के गुणों में बाएं से दाएं की ओर नियमित रूप से ग्रेडेशन होता है। (c) आवर्त सारणी में आठ लंबवत स्तंभ हैं। इन्हें समूहों के रूप में नामित किया गया है। इनकी संख्या I से VIII तक है। समूह I से VII को उपसमूह A और B में विभाजित किया गया है।

डाल्टन के द्रव्य के परमाणु सिद्धान्त की परिकल्पनाएँ बताइए । ये परिकल्पनाएँ द्रव्य के संरक्षण नियम की व्याख्या कैसे कर पाती हैं?

डाल्टन के द्रव्य के परमाणु सिद्धान्त की परिकल्पनाएँ बताइए । ये परिकल्पनाएँ द्रव्य के संरक्षण नियम की व्याख्या कैसे कर पाती हैं? State postulates of Dalton's atomic theory of matter . How can these postulates explain the law of conservation of mass ? डालटन की परिकल्पनाएँ :- 1. प्रत्येक द्रव्य परमाणु से मिलकर बना है । प्रत्येक परमाणु एक अविभाजय कण हैं। 2. परमाणु को न तो नष्ट किया जा रुकता है और न ही उत्पन्न किया जा  सकता है 3. प्रत्येक द्रव्य के परमाणुओं का द्रव्यमान , उनके गुण समान होते है। 4. प्रत्येक यौगिक दो या दो से भिन्न प्रकार के परमाणुओं से मिलकर बना होता है। द्रव्य संरक्षण नियम के  अनुसार द्रव्य को न तो उत्पन्न किया जा सकता है त ही इसे नष्ट किया जा सकता है। डाल्टन के अनुसार परमाणु को न तो उत्पन्न कर सकते है और न ही इसे नष्ट कर सकते है इस परिकल्पना से द्रव्य संरक्षण नियम की व्याख्या होती हैं।

जैव आवर्धन से क्या अभिप्राय है ? एक खाद्य श्रृंखला की सहायता से व्याख्या कीजिए ।

जैव आवर्धन से क्या अभिप्राय है ? एक खाद्य श्रृंखला की सहायता से व्याख्या कीजिए । What is meant by biomagnification ? Explain with the help of a food chain . खाद्य श्रृंखला में पहले पोषी स्तर से अंतिम पोषी स्तर तक सांद्रण के कीटनाशकों जैसे हानिकारक रसायनों की सांद्रता को बढ़ाने की प्रक्रिया को जैविक आवर्धन कहा जाता है।  खाद्य श्रृंखला में,  घास ----> टिड्डा ----> मेंढक ----> सांप ----> मोर  चूंकि मोर उच्चतम पोषी स्तर (सबसे दाहिनी ओर) पर होता है, इसलिए मोर के शरीर में हानिकारक रसायनों की अधिकतम सांद्रता होगी।

डार्विन की प्राकृतिक वरण की प्रक्रिया का वर्णन कीजिए ।

डार्विन की प्राकृतिक वरण की प्रक्रिया का वर्णन कीजिए । Describe Darwin's mechanism of natural selection. जिस प्रक्रिया द्वारा किसी जनसंख्या में कोई जैविक गुण कम या अधिक हो जाता है उसे प्राकृतिक वरण या 'प्राकृतिक वरण' कहते हैं। डार्विन के मतानुसार केवल वे ही जीव, जीवित रहते हैं जो अपने आपको वातावरण के अनुकूल बना लेते हैं। वे जन्तु जो वातावरण के अनुकूल नहीं हो पाते, धीरे-धीरे नष्ट हो जाते हैं। इस प्रकार प्रकृति जीवों का चयन कर, नई जातियों का विकास करती है। डार्विन को निम्न दो मत प्रतिपादित करने का श्रेय है - 1. डार्विन ने जैव विकास के सम्बन्ध में इतने अधिक प्रमाण प्रस्तुत किये कि वैज्ञानिकों ने इसे एक नियम के रूप में स्वीकार किया। 2. डार्विन ने जैव विकास की क्रियाविधि के सम्बन्ध में ऐसे सिद्धान्त का प्रतिपादन किया जो आधुनिक मान्य सिद्धान्त का मूल आधार है।

आर्किमिडीज के सिद्धांत का कथन लिखिए । इसके दो उपयोग लिखिए ।

आर्किमिडीज के सिद्धांत का कथन लिखिए । इसके दो उपयोग लिखिए । Write a statement of Archimedes' theory. Write two uses of it. जब किसी ठोस को किसी तरल में पूर्ण रूप से या आशिंक रूप से डुबाया जाता है, उसके भार में कमी हो जाती है तो यह कमी उस ठोस द्वारा हटाये गये द्रव के भार के बराबर होता है । इसके दो उपयोग - 1. समुद्र में पानी के जहाज का तैरना 2. मनुष्य का पानी में तैरना

Difference between Fundamental and Derived units ( मूल मात्रकों तथा व्युत्पन्न मात्रकों में दो अन्तर बताइए )

मूल मात्रकों तथा व्युत्पन्न मात्रकों में दो अन्तर बताइए। Difference between Fundamental and Derived units मूल मात्रक तथा व्युत्पन्न मात्रक में अंतर - मूल मात्रक ( Fundamental units ) 1. मूल मात्रक एक दूसरे से पूर्णतः स्वतंत्र हैं ।  2. मूल मात्रकों को अन्य मात्रकों से व्युत्पन्न नहीं किया जा सकता है ।  3. मूल मात्रकों के मानक परिभाषित होते हैं ।  व्युत्पन्न मात्रक ( Derived units )  1. व्युत्पन्न मात्रक मूल मात्रकों से प्राप्त किए जाते हैं । 2. ये परस्पर एक दूसरे से पूर्णतः स्वतंत्र नहीं होते हैं । 3. व्युत्पन्न मात्रकों को मूल मूल मात्रकों से व्युत्पन्न किया जा सकता है ।  4. व्युत्पन्न मात्रकों के मानक परिभाषित नहीं होते हैं ।

विशिष्ट ऊष्मा धारिता को परिभाषित कीजिए और इसका SI मात्रक दीजिए

विशिष्ट ऊष्मा धारिता को परिभाषित कीजिए और इसका SI मात्रक दीजिए । किसी पदार्थ की विशिष्ट ऊष्मा, ऊष्मा की वह मात्रा है जो उस पदार्थ के एकांक द्रव्यमान के ताप में एकांक वृद्धि करने के लिए आवश्यक होती है। विशिष्ट ऊष्मा का SI मात्रक जूल/किग्रा-K अथवा किलोकैलोरी/किग्रा-°C होता है।

पारितन्त्र से क्या तात्पर्य होता है ? तालाब का उदाहरण लेकर पारितन्त्र के जैविक तथा अजैविक घटकों की व्याख्या कीजिए ।

पारितन्त्र से क्या तात्पर्य होता है? तालाब का उदाहरण लेकर पारितन्त्र के जैविक तथा अजैविक घटकों की व्याख्या कीजिए। प्रकृति में जीवों के विभिन्न समुदाय एक साथ रहते हैं और परस्पर एक दूसरे के साथ-साथ अपने भौतिक पर्यावरण के साथ एक पारिस्थितिक इकाई के रूप में अन्योन्यक्रिया करते हैं। हम इसे पारितंत्र कहते हैं। पारितंत्र के घटकों को दो समूहों में बांटा गया है। (क) अजैविक तथा (ख) जैविक तालाबः पारितंत्र का एक उदाहरण तालाब एक पूर्ण, बंद और स्वतंत्र पारितंत्र का उदाहरण है। यह किसी भी पारितंत्र की मूलभूत संरचना और कार्यों का अध्ययन करने का एक सरल साधन है। यह सौर ऊर्जा पर कार्य करता है तथा अपने जैविक समुदाय को साम्यावस्था में बनाए रखता है। यदि आप एक गिलास तालाब का पानी या एक चम्मच तालाब की तलहटी की कीचड़ एकत्रित करते हैं तो इसमें पौधों, जन्तुओं, अकार्बनिक तथा कार्बनिक पदार्थों का मिश्रण होता है।

आपेक्षिक आर्द्रता को परिभाषित कीजिए । आपेक्षिक आर्द्रता को मापने वाले यंत्र का नाम बताइए ।

आपेक्षिक आर्द्रता को परिभाषित कीजिए । आपेक्षिक आर्द्रता को मापने वाले यंत्र का नाम बताइए । आपेक्षिक आर्द्रता को परिभाषित कीजिए । आपेक्षिक आर्द्रता को मापने वाले यंत्र का नाम बताइए ।  एक निश्चित तापक्रम पर वायुमण्डल में उपस्थित जलवाष्प की कुल मात्रा व उसकी तापक्रम पर वायुमण्डल को संतृप्त करने के लिए आवश्यक जलवाष्प की कुल मात्रा के अनुपात को आपेक्षिक आर्द्रता कहते हैं। आपेक्षिक आद्रता मापने के लिए (hygrometer) हाइग्रोमीटर आद्रता मापी का प्रयोग किया जाता है ।

डेंगू ज्वर की संक्रमण विधि बताइए । इसके कोई तीन लक्षण भी लिखिए ।

डेंगू ज्वर की संक्रमण विधि बताइए । इसके कोई तीन लक्षण भी लिखिए । डेंगू बुखार, जिसे आमतौर पर हड्डी तोड़ बुखार के रूप में भी जाना जाता है, एक फ्लू जैसी बीमारी है, जो डेंगू वायरस के कारण होती है। डेंगू चार वायरसों के कारण होता है, जो इस प्रकार हैं - डीईएनवी-1, डीईएनवी-2, डीईएनवी-3 और डीईएनवी-4। जब यह पहले से संक्रमित व्यक्ति को काटता है तो वायरस मच्छर के शरीर में प्रवेश कर जाता है। और बीमारी तब फैलती है जब वह मच्छर किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटता है, और वायरस व्यक्ति के रक्तप्रवाह के जरिये फैलता है। डेंगू के लक्षण 1. बुखार 2. मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों में दर्द 3. उल्टी लगना 4. आंखों के पीछे दर्द 5. सिर दर्द

भूकम्प की तीव्रता को मापने वाले यन्त्र का नाम बताइए । भूकम्प आने के समय सुरक्षा के लिए अपनाए जाने वाले कोई तीन सुरक्षा - उपाय सुझाइए ।

भूकम्प की तीव्रता को मापने वाले यन्त्र का नाम बताइए। भूकम्प आने के समय सुरक्षा के लिए अपनाए जाने वाले कोई तीन सुरक्षा-उपाय सुझाइए। भूकंप की तीव्रता और अवधि का पता लगाने के लिए सिस्मोग्राफ का इस्तेमाल किया जाता है. भूकम्प आने के समय सुरक्षा के लिए अपनाए जाने वाले  तीन सुरक्षा उपाय -  1. मकान, दफ्तर या किसी भी इमारत में अगर आप मौजूद हैं तो वहां से बाहर निकलकर खुले में आ जाएं. 2. खुले मैदान की ओर भागें. भूकंप के दौरान खुले मैदान से ज्यादा सेफ जगह कोई नहीं होती. 3. किसी बिल्डिंग के आसपास न खड़े हों. 4. अगर आप ऐसी बिल्डिंग में हैं, जहां लिफ्ट हो तो लिफ्ट का इस्तेमाल कतई न करें. ऐसी स्थिति में सीढ़ियों का इस्तेमाल ही बेस्ट होता है. 5. घर के दरवाजे और खिड़की को खुला रखें. 6. घर की सभी बिजली स्विच को ऑफ कर दें. 7. अगर बिल्डिंग बहुत ऊंची हो और तुरंत उतर पाना मुमकिन न हो तो बिल्डिंग में मौजूद किसी मेज, ऊंची चौकी या बेड के नीचे छिप जाएं.

पारितन्त्र से क्या तात्पर्य होता है ? तालाब का उदाहरण लेकर पारितन्त्र के जैविक तथा अजैविक घटकों की व्याख्या कीजिए ।

पारितन्त्र से क्या तात्पर्य होता है ? तालाब का उदाहरण लेकर पारितन्त्र के जैविक तथा अजैविक घटकों की व्याख्या कीजिए । प्रकृति में जीवों के विभिन्न समुदाय एक साथ रहते हैं और परस्पर एक दूसरे के साथ-साथ अपने भौतिक पर्यावरण के साथ एक पारिस्थितिक इकाई के रूप में अन्योन्यक्रिया करते हैं। हम इसे पारितंत्र कहते हैं। पारितंत्र के घटकों को दो समूहों में बांटा गया है। (क) अजैविक तथा (ख) जैविक तालाबः पारितंत्र का एक उदाहरण तालाब एक पूर्ण, बंद और स्वतंत्र पारितंत्र का उदाहरण है। यह किसी भी पारितंत्र की मूलभूत संरचना और कार्यों का अध्ययन करने का एक सरल साधन है। यह सौर ऊर्जा पर कार्य करता है तथा अपने जैविक समुदाय को साम्यावस्था में बनाए रखता है। यदि आप एक गिलास तालाब का पानी या एक चम्मच तालाब की तलहटी की कीचड़ एकत्रित करते हैं तो इसमें पौधों, जन्तुओं, अकार्बनिक तथा कार्बनिक पदार्थों का मिश्रण होता है।