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पवन ऊर्जा से क्या अभिप्रय है? पवन चक्की की कार्यप्रनाली का वर्णन किजिये। पवन ऊर्जा के तीन लाभ तथा तीन सीमाएँ बताइए।

पवन ऊर्जा से क्या अभिप्रय है? पवन चक्की की कार्यप्रनाली का वर्णन किजिये। पवन ऊर्जा के तीन लाभ तथा तीन सीमाएँ बताइए।


पवन ऊर्जा बहती हुई वायु से उत्पन्न की गई ऊर्जा को कहते हैं वायु एक नवीकरण उर्जा स्त्रोत है पवन ऊर्जा बनाने के लिए हवादार जगहों पर पवन चक्कियों को लगाया जाता है जिनके द्वारा वायु की गतिज ऊर्जा यांत्रिक ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है इस यांत्रिक ऊर्जा को जनरेटर की मदद से विद्युत में परिवर्तित किया जाता है।


पवन ऊर्जा के तीन लाभ -

1. पवन ऊर्जा लागतमुक्त और विश्वस्तीय ऊर्जा है । 

2. पवन ऊर्जा स्वच्छ होती है तथा कोई पर्यावरणीय प्रदूषण भी नहीं उत्पन्न करती है । 

3. पवन ऊर्जा निर्माण में से कोई हानिकारक उप - उत्पाद नहीं बनते हैं जैसे कि जीवाश्म ईंधनों को जलाने पर बनते हैं । 

4. क्योंकि पवन एक नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है , अतः यह कभी खत्म नहीं होगा ।


पवन ऊर्जा के तीन सीमाएँ -

1. पवन ऊर्जा हर समय , हर जगह उत्पन्न नहीं हो सकती है । साथ ही जब पवन चल रही हो उसी समय इसका उपयोग करना पड़ता है । इसे संग्रहित करके नहीं रखा जा सकता है । 

2. लगातार ऊर्जा उत्पादन के लिए अनवरत व समान गति से बहने वाली पवन की आवश्यकता होती है । यदि पवन की गति घट जाती है तो टरबाइन धीमी गति से घूमेगा तथा कम ऊर्जा उत्पन्न होगी । 

3. समुद्र तट पर या तट से दूर बने दोनों ही पवन फॉर्म देखने में असुंदर होने के साथ - साथ बहुत शोर भी करते हैं , अतः ऐसे फॉर्मों का काफी विरोध होता है । 

4. बड़े - बड़े पवन फॉर्म , प्राकृतिक दृश्यों की सुन्दरता में प्रतिकूल प्रभाव उत्पन्न कर सकते हैं ।


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