अत्यंत ठंडे क्षेत्रों के जलीय निकायों में रहने वाले जलीय जन्तु बहुत अधिक ठंडक के मौसम में नहीं मरते । व्याख्या कीजिए ।
अत्यंत ठंडे क्षेत्रों के जलीय निकायों में रहने वाले जलीय जन्तु बहुत अधिक ठंडक के मौसम में नहीं मरते क्युकी -
- अति शीत तथा जलाभाव में जीवित रहने के लिए अनुकूलन अत्यंत शीत जलवायु में रहने वाले प्राणियों के शरीर पर मोटा फर होता है, हवा को अवरोधित कर शीतप्रतिरोधक का कार्य करता है, शरीर को गर्म बनाए रखता है ।
- इनकी त्वचा के नीचे भी वसा की परत होती है जो अतिरिक्त अवरोध प्रदान करती है ।
- ठंडी जलवायु वाले अनेक स्तनधारियों के शरीर का आकार एवं माप उस जलवायु के अनुकूल होता है वे गोलाकार एवं भारी शरीर , छोटी टाँगों , कानों व पूँछ वाले होते हैं । ये अनुकूलन ऊष्मा को बचाकर रखने में सहायक होते हैं ।
- पेंगुइन में घने पिच्छ की मोटी परत होती है , जो ऊष्मा की हानि को रोकती है । इसके फ्लिपर व टाँगें भी ऊष्मा की हानि को रोकने के लिए अनुकूलित हैं ।

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