डार्विन की प्राकृतिक वरण की प्रक्रिया का वर्णन कीजिए ।
Describe Darwin's mechanism of natural selection.
जिस प्रक्रिया द्वारा किसी जनसंख्या में कोई जैविक गुण कम या अधिक हो जाता है उसे प्राकृतिक वरण या 'प्राकृतिक वरण' कहते हैं। डार्विन के मतानुसार केवल वे ही जीव, जीवित रहते हैं जो अपने आपको वातावरण के अनुकूल बना लेते हैं। वे जन्तु जो वातावरण के अनुकूल नहीं हो पाते, धीरे-धीरे नष्ट हो जाते हैं। इस प्रकार प्रकृति जीवों का चयन कर, नई जातियों का विकास करती है। डार्विन को निम्न दो मत प्रतिपादित करने का श्रेय है -
1. डार्विन ने जैव विकास के सम्बन्ध में इतने अधिक प्रमाण प्रस्तुत किये कि वैज्ञानिकों ने इसे एक नियम के रूप में स्वीकार किया।
2. डार्विन ने जैव विकास की क्रियाविधि के सम्बन्ध में ऐसे सिद्धान्त का प्रतिपादन किया जो आधुनिक मान्य सिद्धान्त का मूल आधार है।
2. डार्विन ने जैव विकास की क्रियाविधि के सम्बन्ध में ऐसे सिद्धान्त का प्रतिपादन किया जो आधुनिक मान्य सिद्धान्त का मूल आधार है।
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