तपेदिक (T.B.) के संक्रमण की विधि बताइए । इसके कोई दो लक्षण भी बताइए।
Ans. तपेदिक संक्रामक रोग होता है जो माइकोबैक्टिरीअम टूबर्क्यूलोसस नामक जीवाणु के कारण होता है। तपेदिक के मूल लक्षणों में खाँसी का तीन हफ़्तों से ज़्यादा रहना, थूक का रंग बदल जाना या उसमें रक्त की आभा नजर आना, बुखार, थकान, सीने में दर्द, भूख कम लगना, साँस लेते वक्त या खाँसते वक्त दर्द का अनुभव होना आदि। टीबी के बीमारी से घबराने की ज़रूरत नहीं है, इसका इलाज संभव है। इस बीमारी से टीकाकरण या साफ सफाई रखने से बचा जा सकता है।
तपेदिक या टीबी कोई आनुवांशिक रोग नहीं है। यह किसी को भी हो सकता है। जब कोई स्वस्थ व्यक्ति तपेदिक रोगी के पास जाता है और उसके खाँसने, छींकने से जो जीवाणु हवा में फैल जाते हैं उसको स्वस्थ व्यक्ति साँस के द्वारा ग्रहण कर लेता है। इसके अलावा जो लोग अत्यधिक मात्रा में ध्रूमपान या शराब का सेवन करते हैं, उनमें इस रोग के होने की संभावना ज़्यादा होती है। इस रोग से बचने के लिए साफ-सफाई रखना का ख्याल रखना बहुत ज़रूरी होता है।
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